What is Atheism
कलयुग में गलत भक्ति से नास्तिकता की ओर
आप देख रहे होंगे ठीक युग में कितना कष्ट और काल का प्रकोप है सभी लोग नास्तिक होते जा रहे हैं।
आप सोच रहे होंगे कि इतनी देवी देवताओं की भक्ति करते हैं फिर भी हमें कोई लाभ नहीं हो रहा। हमारे पर इतने कष्ट आ रही हैं।इतनी भक्ति जैसे कि तीर्थ, व्रत, पित्र पूजा आदि करने से भी कोई लाभ नहीं हो रहा है इस कारण से ज्यादा लोग नास्तिक होते जा रहे हैं लोगों का भगवान से विश्वास खत्म हो रहा है
यह सब कारण हमारी शास्त्र विरुद्ध साधना से है क्योंकि हम अपने शास्त्रों से विरुद्ध साधना करते हैं
वर्तमान में ज्यादा से ज्यादा लोग नास्तिकता की ओर बढ़ रहे हैं जिससे कि उन पर बहुत ज्यादा कष्ट आ रहे है (गलत साधना )
क्योंकि जब हम गलत साधना करते हैं तो हमें कोई लाभ नहीं मिलता है क्योंकि यह जितने भी अपने देवी-देवताओं की भक्ति करते हैं यह हमें उतना ही लाभ देते हैं जितना कि हमारे भाग्य में होता है इससे अधिक नहीं इस कारण हमारा भगवान से विश्वास खत्म हो गया है ।
✓इतने देवी देवताओं की भक्ति करते हैं पर फिर भी कोई लाभ नहीं मिलता?
✓यह क्या हो रहा है?
हमें उसकी खोज तो करनी चाहिए
हम अपनी साधना इस प्रकार करते है तभी कष्ट आते हैं।(शास्त्र विरुद्ध साधना)
✓यह साधना ओर भगति किसके पास है?
✓पूर्ण संत कोन है?
संत रामपाल जी महाराज हमें शास्त्रों के अनुसार भक्ति बताते हैं अपने ग्रंथों में भी कहा हुआ है कि जो संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष को के सभी विभागों को बता देगा वह तत्वदर्शी संत है ।
कलयुग में परमात्मा के रूप में संत रामपाल जी महाराज आए हुए हैं। वह हमें इन सभी कष्टों से मुक्त करवा रहे हैं और साथ ही साथ इस जन्म मरण के रोग से भी छुटकारा दिलाते हैं
और हमें क्या चाहिए जन्म मरण से मुक्ति मिलना बहुत कठिन है जरूरी नहीं है कि अपने हर बारी मनुष्य ही बने आगे का क्या पता ??अगले जन्म में किस चीज में हमारा जन्म हो।
पर संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के बाद अगर व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाए तो भी वह अगले जन्म में मनुष्य जन्म को ही प्राप्त होगा और संतरामपाल जी महाराज जो भी नियम बताते हैं वह कोई कठिन नहीं है वह हमारे लिए ही है अगर हम उन नियमों का पालन करेंगे तो हमारे ऊपर कोई भी कष्ट और दुख नहीं आएगा और काल बाल भी बांका नहीं कर सकता इस कलयुग में स्कूल के लटके झटके वृक्ष के सभी भागों को संत रामपाल जी महाराज ने बताया है
संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग साधना चैनल टीवी पर रोजाना शाम को 7:30 बजे से 8:30 बजे तक प्रसारित होता है और इससे देखने मात्र और सुनने से ही हमें लाभ मिलना शुरू हो जाते हैं क्योंकि शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति होती है उससे ही लाभ प्राप्त होता ना कि शास्त्रों के विरुद्ध भक्ति से।
आप देख रहे होंगे ठीक युग में कितना कष्ट और काल का प्रकोप है सभी लोग नास्तिक होते जा रहे हैं।
आप सोच रहे होंगे कि इतनी देवी देवताओं की भक्ति करते हैं फिर भी हमें कोई लाभ नहीं हो रहा। हमारे पर इतने कष्ट आ रही हैं।इतनी भक्ति जैसे कि तीर्थ, व्रत, पित्र पूजा आदि करने से भी कोई लाभ नहीं हो रहा है इस कारण से ज्यादा लोग नास्तिक होते जा रहे हैं लोगों का भगवान से विश्वास खत्म हो रहा है
यह सब कारण हमारी शास्त्र विरुद्ध साधना से है क्योंकि हम अपने शास्त्रों से विरुद्ध साधना करते हैं
वर्तमान में ज्यादा से ज्यादा लोग नास्तिकता की ओर बढ़ रहे हैं जिससे कि उन पर बहुत ज्यादा कष्ट आ रहे है (गलत साधना )
क्योंकि जब हम गलत साधना करते हैं तो हमें कोई लाभ नहीं मिलता है क्योंकि यह जितने भी अपने देवी-देवताओं की भक्ति करते हैं यह हमें उतना ही लाभ देते हैं जितना कि हमारे भाग्य में होता है इससे अधिक नहीं इस कारण हमारा भगवान से विश्वास खत्म हो गया है ।
✓इतने देवी देवताओं की भक्ति करते हैं पर फिर भी कोई लाभ नहीं मिलता?
✓यह क्या हो रहा है?
हमें उसकी खोज तो करनी चाहिए
हम अपनी साधना इस प्रकार करते है तभी कष्ट आते हैं।(शास्त्र विरुद्ध साधना)
पर हमे करनी केसे चाइए??
(शास्त्र अनुकूल साधना)✓यह साधना ओर भगति किसके पास है?
✓पूर्ण संत कोन है?
संत रामपाल जी महाराज हमें शास्त्रों के अनुसार भक्ति बताते हैं अपने ग्रंथों में भी कहा हुआ है कि जो संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष को के सभी विभागों को बता देगा वह तत्वदर्शी संत है ।
कलयुग में परमात्मा के रूप में संत रामपाल जी महाराज आए हुए हैं। वह हमें इन सभी कष्टों से मुक्त करवा रहे हैं और साथ ही साथ इस जन्म मरण के रोग से भी छुटकारा दिलाते हैं
और हमें क्या चाहिए जन्म मरण से मुक्ति मिलना बहुत कठिन है जरूरी नहीं है कि अपने हर बारी मनुष्य ही बने आगे का क्या पता ??अगले जन्म में किस चीज में हमारा जन्म हो।
पर संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के बाद अगर व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाए तो भी वह अगले जन्म में मनुष्य जन्म को ही प्राप्त होगा और संतरामपाल जी महाराज जो भी नियम बताते हैं वह कोई कठिन नहीं है वह हमारे लिए ही है अगर हम उन नियमों का पालन करेंगे तो हमारे ऊपर कोई भी कष्ट और दुख नहीं आएगा और काल बाल भी बांका नहीं कर सकता इस कलयुग में स्कूल के लटके झटके वृक्ष के सभी भागों को संत रामपाल जी महाराज ने बताया है
संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग साधना चैनल टीवी पर रोजाना शाम को 7:30 बजे से 8:30 बजे तक प्रसारित होता है और इससे देखने मात्र और सुनने से ही हमें लाभ मिलना शुरू हो जाते हैं क्योंकि शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति होती है उससे ही लाभ प्राप्त होता ना कि शास्त्रों के विरुद्ध भक्ति से।




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